मेरी चंद बेहतरीन पसंदी ग़ज़ले और नज़्म - १

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१. ये ना थी हमारी किस्मत
२. कोई ये कह दे गुलशन गुलशन
३. मेरे हमनफस मेरे हुम्नावास
४. हजारों ख्वाहिशें ऐसी
५. आह को चाहिए
६. बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी
७. सरकती जाये है रुख से नकाब आहिस्ता आहिस्ता
८. पत्थर के खुदा पत्थर के सनम
९. सीना में जलन
१०. रुके रुके से क़दम


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